राजस्थान सरकार द्वारा जरूरतमंद, असहाय और अल्पआय वर्ग के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना संचालित की जा रही है। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर यह योजना उन परिवारों के लिए संबल बन रही है, जिनके घर का सहारा किसी दुर्घटना के कारण छिन जाता है।
श्रीगंगानगर सहित पूरे प्रदेश में इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी अपंगता की स्थिति में प्रति परिवार प्रति वर्ष अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। यह सहायता राशि पीड़ित परिवार के लिए संकट की घड़ी में आर्थिक सहारा बनती है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना-योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान करना है जो दुर्घटनाओं के कारण अपने कमाऊ सदस्य को खो देते हैं या स्थायी रूप से अपंग हो जाते हैं। सरकार चाहती है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को आर्थिक तंगी के कारण असहाय न रहना पड़े।

किन परिवारों को मिलेगा लाभ?
यह योजना निम्न परिवारों पर लागू होती है:
- मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में पंजीकृत परिवार
- राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) में बीमित परिवार
- पेड श्रेणी के पॉलिसी धारक
- सीमांत कृषक श्रेणी के लाभार्थी
- कोविड श्रेणी के लाभार्थी
ध्यान रहे कि लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार का पंजीकरण और पॉलिसी वैध होना अनिवार्य है।
किन परिस्थितियों में मिलेगा 10 लाख रुपये तक का मुआवजा?
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के अनुसार, निम्नलिखित आठ प्रकार की दुर्घटनाओं में मृत्यु या पूर्ण स्थायी अपंगता होने पर सहायता दी जाती है:
| दुर्घटना का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| रेल दुर्घटना | ट्रेन हादसे में मृत्यु या स्थायी अपंगता |
| वायु दुर्घटना | विमान दुर्घटना |
| सड़क दुर्घटना | वाहन हादसे |
| ऊँचाई से गिरना | व्यक्ति या वस्तु का ऊँचाई से गिरना |
| मकान ढहना | भवन गिरने से दुर्घटना |
| मशीन दुर्घटना | थ्रेशर, कुट्टी मशीन, आरा मशीन, ग्राइंडर आदि से |
| बिजली का झटका | करंट लगने से मृत्यु या अपंगता |
| डूबना/जलना/रासायनिक दुर्घटना | पानी में डूबना, आग लगना, केमिकल छिड़काव |
इनमें से किसी भी दुर्घटना में पात्रता अनुसार अधिकतम ₹10,00,000 तक की सहायता प्रदान की जाती है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना दावा कैसे करें?
योजना में दावा करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल है।
दावा करने के तरीके:
- MADBY पोर्टल पर स्वयं ऑनलाइन आवेदन करें
- नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन करें
सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाभार्थी सीधे स्वयं भी दावा प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी मध्यस्थ या दलाल की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना महत्वपूर्ण सावधानी
यह देखा गया है कि जानकारी के अभाव में कई पीड़ित परिवार मध्यस्थ व्यक्तियों के माध्यम से दावा प्रस्तुत करते हैं। कई मामलों में मध्यस्थ द्वारा खाली चेक या राशि की मांग की जाती है, जो गलत और दंडनीय है।
सरकार ने ऐसे मामलों की जांच शुरू कर दी है। इसलिए लाभार्थियों से अनुरोध है कि वे:
- बिना किसी मध्यस्थ के स्वयं आवेदन करें
- किसी को खाली चेक न दें
- आधिकारिक पोर्टल या हेल्पलाइन का ही उपयोग करें
पॉलिसी नवीनीकरण क्यों जरूरी है?
- पेड श्रेणी के लाभार्थी समय पर अपनी पॉलिसी का नवीनीकरण करवाएं
- सीमांत कृषक एवं कोविड श्रेणी के लाभार्थी हर वर्ष अपनी पॉलिसी डाउनलोड करें
- परिवार के प्रत्येक सदस्य का जनाधार में पंजीकरण सुनिश्चित करें
यदि पॉलिसी वैध नहीं होगी तो दावा अस्वीकार हो सकता है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना सहायता एवं संपर्क विवरण
किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या होने पर निम्न हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें:

| संपर्क प्रकार | नंबर |
|---|---|
| जिला हेल्पलाइन (श्रीगंगानगर) | 0154-2970433 |
| मोबाइल सहायता नंबर | 8619664327 |
| सेंट्रल हेल्पलाइन | 18001806268 |
इन नंबरों पर संपर्क कर योजना संबंधी सभी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना क्यों है महत्वपूर्ण?
आज के समय में दुर्घटनाएं अचानक और अप्रत्याशित रूप से होती हैं। ऐसे में यदि परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य हादसे का शिकार हो जाए तो पूरा परिवार आर्थिक संकट में आ सकता है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना ऐसे परिवारों के लिए सुरक्षा कवच की तरह कार्य कर रही है। 10 लाख रुपये की सहायता राशि बच्चों की पढ़ाई, घर के खर्च और भविष्य की जरूरतों को संभालने में मदद करती है।
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निष्कर्ष
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना राजस्थान सरकार की एक संवेदनशील और जनहितकारी पहल है। यह योजना जरूरतमंद परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सहारा देती है। यदि आप या आपका परिवार इस योजना के पात्र हैं तो समय पर पंजीकरण और पॉलिसी नवीनीकरण अवश्य करवाएं।
दावा करने के लिए किसी भी प्रकार के बिचौलिए से बचें और केवल आधिकारिक पोर्टल या हेल्पलाइन का उपयोग करें। सही जानकारी और जागरूकता ही इस योजना का पूरा लाभ दिला सकती है।